राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह राठौड़ का इलाज के दौरान निधन हो गया। मंगलवार शाम उनके सरकारी आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलने की घटना हुई थी। गंभीर हालत में उन्हें पहले भीलवाड़ा और बाद में उदयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। नाकाबंदी की तैयारी के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, लोकपाल सिंह राठौड़ नाकाबंदी अभियान के लिए अपने सरकारी आवास पर तैयार हो रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपने सहयोगियों को फोन कर गाड़ी तैयार रखने के लिए कहा था। कुछ ही देर बाद अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बताया जा रहा है कि सर्विस रिवॉल्वर से निकली गोली उनके सिर में लगी। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पहुंचाया गया उदयपुर शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर कर दिया। इस दौरान भीलवाड़ा से उदयपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि एंबुलेंस कम समय में अस्पताल पहुंच सके। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन लंबे इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस विभाग में शोक की लहर लोकपाल सिंह राठौड़ वर्ष 2014 बैच के अधिकारी थे। उन्होंने बिजौलिया और जहाजपुर थानों में भी अपनी सेवाएं दी थीं। हाल ही में उन्हें सदर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके सहकर्मियों के अनुसार, वह अपने अनुशासित व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलने के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई। व्हाट्सएप स्टेटस की हो रही चर्चा घटना के बाद लोकपाल सिंह का व्हाट्सएप स्टेटस भी चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने अपने स्टेटस में लिखा था, "होइहि सोइ जो राम रचि राखा, को करि तर्क बढ़ावै साखा।" इसके अलावा उन्होंने लिखा था, "स्वाभिमान से समझौता नहीं, चाहे कुछ भी करना पड़े।" हर पहलू की जांच कर रही पुलिस भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।